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राजस्थान

आरजीएचएस में प्री-ऑथराइजेशन से क्लेम में 47 प्रतिशत की कमी

25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम में 15 जुलाई से लागू प्री-ऑथराइजेशन व्यवस्था से क्लेम में 47 प्रतिशत की कमी आई है।

क्या हुआ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशन में आरजीएचएस में पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक जांचों पर रोक लगाने के लिए 15 जुलाई से प्री-ऑथराइजेशन व्यवस्था लागू की गई। दो हजार रुपये से अधिक की जांचों के लिए यह अनिवार्य किया गया है। इस व्यवस्था से क्लेम में 47 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई। डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जा रही है। अनियमितता पाए जाने पर 9 अस्पतालों का टीएमएस और 3 डॉक्टरों की आईडी ब्लॉक की गई है। कोटा, अलवर, जोधपुर, दौसा, बीकानेर, जयपुर और उदयपुर के अस्पतालों में विभिन्न अनियमितताएं पाई गईं, जिनमें प्री-ऑथराइजेशन से बचने के लिए जांचें अलग-अलग दिनों में लिखना, हस्तलेखन में भिन्नता और अनावश्यक जांचें शामिल हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1आरजीएचएस में 15 जुलाई से दो हजार रुपये से अधिक की जांचों के लिए प्री-ऑथराइजेशन अनिवार्य किया गया
  2. 2प्री-ऑथराइजेशन व्यवस्था लागू होने से क्लेम में 47 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई
  3. 3अनियमितता पाए जाने पर 9 अस्पतालों का टीएमएस और 3 डॉक्टरों की आईडी ब्लॉक की गई
  4. 4कोटा, अलवर, जोधपुर, दौसा, बीकानेर, जयपुर और उदयपुर के अस्पतालों में अनियमितताएं पाई गईं
  5. 5डिजिटल मॉनिटरिंग के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान और कार्रवाई की जा रही है

स्रोत: DIPR राजस्थान (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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