60वां ज्ञानपीठ पुरस्कार
17 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
ज्ञानपीठ पुरस्कार (1961 से) — भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा; भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान।
क्या हुआ
'60वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार' की चर्चा हुई। ज्ञानपीठ पुरस्कार भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जो भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट (1944 में स्थापित; साहू जैन परिवार) द्वारा संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं में लिखने वाले किसी भारतीय लेखक को उसके समग्र साहित्यिक योगदान के लिए प्रदान किया जाता है (पहला पुरस्कार 1965 में मलयालम लेखक जी. शंकर कुरुप को)। इसमें वाग्देवी (सरस्वती) की कांस्य प्रतिमा, प्रशस्ति-पत्र व नकद राशि दी जाती है। यह भारतीय साहित्य के 'नोबेल' के रूप में देखा जाता है। यह कला-संस्कृति व पुरस्कार से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 160वाँ ज्ञानपीठ पुरस्कार।
- 2भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान।
- 3भारतीय ज्ञानपीठ ट्रस्ट (1944) द्वारा।
- 48वीं अनुसूची की भाषाओं में समग्र योगदान।
- 5पहला (1965) — जी. शंकर कुरुप (मलयालम)।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ज्ञानपीठ पुरस्कार व भारतीय साहित्य पुरस्कार/कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: ज्ञानपीठ — भारत का सर्वोच्च साहित्यिक पुरस्कार; भारतीय ज्ञानपीठ (1944)। 8वीं अनुसूची भाषाएँ। पहला — 1965, जी. शंकर कुरुप (मलयालम)। वाग्देवी प्रतिमा।