मेजर अभिलाषा बराक को UN सैन्य जेंडर एडवोकेट पुरस्कार
25 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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अभिलाषा बराक — सेना की पहली महिला कॉम्बैट हेलिकॉप्टर पायलट; UN जेंडर एडवोकेट 2025।
क्या हुआ
मेजर अभिलाषा बराक को संयुक्त राष्ट्र 'मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर' पुरस्कार मिलने की चर्चा हुई। यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में लैंगिक समानता व महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने वाले सैन्य कर्मियों को सम्मानित करता है। अभिलाषा बराक भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू एविएटर (कॉम्बैट एविएटर) हैं। यह उपलब्धि सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, लैंगिक समानता व भारत के संयुक्त राष्ट्र शांति-स्थापना में योगदान को रेखांकित करती है। भारत UN शांति अभियानों में सबसे बड़े सैनिक-योगदानकर्ताओं में है। यह पुरस्कार, लैंगिक न्याय व रक्षा से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1मेजर अभिलाषा बराक — UN मिलिट्री जेंडर एडवोकेट पुरस्कार।
- 2भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू एविएटर।
- 3UN शांति अभियानों में लैंगिक समानता हेतु सम्मान।
- 4सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका।
- 5भारत — UN शांति-स्थापना में प्रमुख योगदानकर्ता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
भारतीय शांति सैनिक, पुरस्कार व महत्वपूर्ण दिवस करंट अफेयर्स में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: अभिलाषा बराक — भारतीय सेना की पहली महिला लड़ाकू एविएटर। UN मिलिट्री जेंडर एडवोकेट पुरस्कार। UN शांति-स्थापना; भारत प्रमुख योगदानकर्ता।