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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

भारत में सहकारिता की उपलब्धियां

20 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सहकारिता — सदस्यों के स्वैच्छिक संघ; कृषि, डेयरी (अमूल), ऋण में महत्वपूर्ण; 'सहकार से समृद्धि'।

क्या हुआ

भारत में सहकारी समितियों (cooperatives) की उपलब्धियों की चर्चा हुई। सहकारिता एक स्वैच्छिक, सदस्य-स्वामित्व व लोकतांत्रिक आर्थिक मॉडल है ('सहकार से समृद्धि')। भारत में सहकारी आंदोलन कृषि ऋण (PACS), डेयरी (अमूल — श्वेत क्रांति), उर्वरक (IFFCO), चीनी, आवास व बैंकिंग में मज़बूत है, जो करोड़ों ग्रामीण परिवारों की आजीविका से जुड़ा है। 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाया गया। सुधार — PACS का कम्प्यूटरीकरण, बहुउद्देश्यीय PACS, पारदर्शिता व डिजिटलीकरण। सहकारिता ग्रामीण अर्थव्यवस्था, समावेशी विकास, महिला सशक्तीकरण व 'आत्मनिर्भर भारत' को बढ़ावा देती है। सहकारी समितियाँ राज्य सूची का विषय हैं (97वाँ संशोधन)।

मुख्य तथ्य

  1. 1भारत में सहकारी समितियों की उपलब्धियाँ।
  2. 2सहकारिता — सदस्य-स्वामित्व, लोकतांत्रिक मॉडल।
  3. 3PACS (ऋण), अमूल (डेयरी), IFFCO (उर्वरक)।
  4. 4सहकारिता मंत्रालय (2021); PACS कम्प्यूटरीकरण।
  5. 5'सहकार से समृद्धि'; ग्रामीण अर्थव्यवस्था।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सहकारिता, 97वां संशोधन व सहकारिता मंत्रालय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: सहकारिता मंत्रालय (2021)। 'सहकार से समृद्धि'। PACS; अमूल (श्वेत क्रांति); IFFCO। 97वाँ संशोधन। राज्य सूची।

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