7 जनवरी 2026 · 7 January 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारत में एसिड हमले
Acid attacks in India
एसिड हमले — BNS (पूर्व IPC 326A/326B) के तहत अपराध; एसिड की खुली बिक्री विनियमित।
मुख्य तथ्य
- •भारत में अम्ल हमले।
- •जघन्य लिंग-आधारित हिंसा (अधिकतर महिलाएँ)।
- •कानून — IPC 326A/326B (BNS)।
- •लक्ष्मी वाद (2013) — तेज़ाब बिक्री नियमन, मुआवज़ा।
- •RPwD 2016 — पीड़ितों को दिव्यांगता लाभ।
भारत में अम्ल हमलों (acid attacks) की चर्चा हुई। अम्ल हमला एक जघन्य लिंग-आधारित हिंसा है जिसमें पीड़ित (अधिकतर महिलाएँ) पर तेज़ाब फेंककर स्थायी विकृति, अंधापन व आघात पहुँचाया जाता है। कानून — भारतीय न्याय संहिता (पूर्व IPC धारा 326A/326B) अम्ल हमले को विशिष्ट, कठोर दंडनीय अपराध बनाती है। सर्वोच्च न्यायालय (लक्ष्मी वाद, 2013) ने तेज़ाब की खुली बिक्री पर नियमन, पीड़ितों को मुआवज़ा, निःशुल्क उपचार व पुनर्वास के निर्देश दिए। अम्ल हमला पीड़ितों को RPwD अधिनियम 2016 के तहत दिव्यांगता लाभ भी मिलते हैं। चुनौतियाँ — तेज़ाब की आसान उपलब्धता, सामाजिक कलंक व पुनर्वास। यह महिला सुरक्षा व सामाजिक न्याय से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
एसिड हमले, धारा 326A व लक्ष्मी केस राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
अम्ल हमला — IPC 326A/326B (BNS)। लक्ष्मी वाद (2013) — तेज़ाब बिक्री नियमन, मुआवज़ा। RPwD 2016 — दिव्यांगता लाभ।
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