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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

सहमति की आयु व किशोर स्वायत्तता

13 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

सहमति की आयु — भारत में 18 वर्ष; POCSO के तहत 18 से कम के साथ यौन संबंध अपराध।

क्या हुआ

सहमति की आयु (age of consent) व किशोर स्वायत्तता पर बहस चर्चा में रही। भारत में यौन सहमति की कानूनी आयु 18 वर्ष है (POCSO अधिनियम 2012 व BNS के तहत) — अर्थात 18 से कम आयु के व्यक्ति के साथ यौन संबंध, सहमति के बावजूद, अपराध माना जाता है। बहस यह है कि किशोरों (16-18 वर्ष) के बीच सहमतिपूर्ण संबंधों का अपराधीकरण न हो, जबकि बच्चों को यौन शोषण से कड़ी सुरक्षा भी मिले। कुछ अदालतों व विधि आयोग ने इस पर पुनर्विचार/सीमित अपवाद का सुझाव दिया है। यह बाल अधिकार, किशोर स्वायत्तता, लैंगिक न्याय व कानून के संतुलन से जुड़ा है। POCSO बाल यौन अपराधों से संरक्षण का प्रमुख कानून है।

मुख्य तथ्य

  1. 1सहमति की आयु व किशोर स्वायत्तता पर बहस।
  2. 2भारत में यौन सहमति की आयु — 18 वर्ष (POCSO 2012)।
  3. 3किशोर सहमतिपूर्ण संबंधों के अपराधीकरण की चिंता।
  4. 4बाल यौन शोषण से कड़ी सुरक्षा आवश्यक।
  5. 5बाल अधिकार बनाम किशोर स्वायत्तता का संतुलन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सहमति की आयु, POCSO अधिनियम व किशोर अधिकार राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: सहमति की आयु — 18 वर्ष (POCSO 2012; BNS)। किशोर (16-18) सहमति बहस। बाल संरक्षण बनाम स्वायत्तता। विधि आयोग पुनर्विचार।

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