आंध्र प्रदेश की मिलेट पहल: महिलाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में कदम
17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
आंध्र प्रदेश सरकार ने एक व्यापक मिलेट प्रोत्साहन पहल शुरू की है, जिसमें महिलाओं को कृषि-खाद्य उद्यम पारिस्थितिकी तंत्र के केंद्र में रखा गया है। यह कार्यक्रम महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से संचालित होता है और उन्हें मिलेट मूल्य श्रृंखला — खेती, खरीद, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और स्थानीय बाजार में बिक्री — के हर चरण में भागीदार बनाता है।
यह पहल इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत ने 2023 को 'राष्ट्रीय मिलेट वर्ष' घोषित किया था और संयुक्त राष्ट्र ने भारत के प्रस्ताव पर 2023 को 'अंतर्राष्ट्रीय मिलेट वर्ष (IYM)' के रूप में मान्यता दी। ज्वार, बाजरा, रागी और कंगनी जैसे मिलेट पोषण, कम जल आवश्यकता और जलवायु अनुकूलता के लिए जाने जाते हैं।
आंध्र प्रदेश का मॉडल महिला उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण, स्वच्छता मानकों और व्यवसाय प्रबंधन में प्रशिक्षण देता है। यह ग्रामीण उत्पादकों को सीधे उपभोक्ताओं से जोड़ता है, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है। यह पहल PM FME योजना और NABARD के SHG-बैंक लिंकेज कार्यक्रम से भी जुड़ी है। RAS परीक्षा की दृष्टि से यह महिला सशक्तिकरण, कृषि विविधीकरण, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण उद्यमिता जैसे विषयों के लिए प्रासंगिक है।