मुख्य सामग्री पर जाएं
27 अगस्त 2026 · 27 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

हिमालय विकास में मानवजनित खतरे: अवसंरचना और शासन की नाकामी

Anthropogenic Disaster Drivers in Himalayan Development: Infrastructure and Governance Failures

चार धाम परियोजना: सर्वोच्च न्यायालय ने नोट किया कि यह हिमालय को अस्थिर कर सकती है।

मुख्य तथ्य

  • लंबागढ़ (उत्तराखंड) में चार धाम परियोजना से आवर्ती विशाल भूस्खलन होते हैं।
  • जोशीमठ संकट: जलविद्युत सुरंगें जलभृत को नष्ट करती हैं और भूमि को डुबाती हैं।
  • तीस्ता-III बांध को सड़क चौड़ीकरण से निकाले गए मलबे से क्षति हुई।
  • व्यक्तिगत परियोजना-दर-परियोजना पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन (EIA) संचयी खतरों को नजरअंदाज करता है।
हिमालय में मानव-प्रेरित आपदा के तीन मुख्य कारण हैं: (1) लापरवाह अवसंरचना—ढलानों को बिना समर्थन दीवारों के काटना और अनियोजित पर्यटन विकास; (2) जलविद्युत परियोजनाओं से जलविज्ञान संबंधी विनाश—सुरंगें गहरी जलभृत को भेदती हैं और भूमि अवसादन का कारण बनती हैं (जोशीमठ संकट); (3) मलबा कुप्रबंधन—सुरंगों और सड़क चौड़ीकरण से निकाली गई मिट्टी नदी तल में डाली जाती है, जिससे विनाशकारी मलबा बाढ़ बनती है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

RPSC/CSE के लिए: सार्वजनिक निर्माण परियोजनाओं का पर्यावरणीय और आपदा-जोखिम प्रभाव; कानूनी ढांचे में खामियाँ।

📚 संबंधित स्थायी GK

मिश्र समिति (1976): जोशीमठ निमज्जन की जांच के बाद अस्थिर जोन में निर्माण प्रतिबंधित करने की सिफारिश।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

संबंधित समसामयिकी