हिमाचल प्रदेश में ओजोन आधारित पेयजल परियोजना शुरू की गई
3 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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हिमाचल प्रदेश ने ओजोन प्रौद्योगिकी से जल शुद्धिकरण की नई पहल की।
क्या हुआ
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कांगड़ा जिले के देहरा क्षेत्र में राज्य की पहली ओजोन-आधारित पेयजल परिशोधन परियोजना की घोषणा की। यह परियोजना ₹46 करोड़ की लागत से कार्यान्वित की जा रही है। ओजोन (O₃) एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक है जो जल को रोगाणुओं से मुक्त करता है और उसके स्वाद में सुधार लाता है। यह बैक्टीरिया, वायरस और अन्य सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने में प्रभावी है। राज्य सरकार भविष्य में हिमाचल प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में इसी तरह की परियोजनाएं स्थापित करने की योजना बना रही है। यह परियोजना स्वच्छ जल आपूर्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार के लिए महत्वपूर्ण है।
मुख्य तथ्य
- 1स्थान: कांगड़ा जिले का देहरा क्षेत्र
- 2परियोजना लागत: ₹46 करोड़
- 3ओजोन एक शक्तिशाली ऑक्सीकारक है
- 4भविष्य में अन्य क्षेत्रों में विस्तार की योजना
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
जल संसाधन प्रबंधन, पेयजल शुद्धिकरण प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय स्वास्थ्य नीति।
स्थायी GK: ओजोन परत पृथ्वी के वायुमंडल में पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है।