29 दिसंबर 2025 · 29 December 2025⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
अरावली की नई परिभाषा तय, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
Supreme Court Approves New Definition for the Aravalli Range
दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पर्वतमाला की नई परिभाषा को मंजूरी दी, जिससे 37 अरावली जिलों में खनन नियमन को नई दिशा मिली।
मुख्य तथ्य
- •अरावली पहाड़ी: 37 अरावली जिलों में स्थानीय भू-भाग से 100 मीटर+ ऊँचा कोई भी भू-आकार
- •अरावली श्रृंखला: 500 मीटर के भीतर स्थित दो या अधिक अरावली पहाड़ियाँ
- •MPSM झारखंड के सारंडा वन मॉडल पर तैयार होगी; ICFRE नोडल एजेंसी
सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF-CC) की एक समिति की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए अरावली पहाड़ी और अरावली श्रृंखला को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया। कोर्ट ने ICFRE के माध्यम से पूरी अरावली श्रृंखला के लिए एक सतत खनन प्रबंधन योजना (MPSM) तैयार करने और तब तक नए खनन पट्टे न देने का आदेश दिया, हालांकि 29 दिसंबर 2025 को जस्टिस सूर्य कांत की पीठ ने इस आदेश पर रोक लगा दी। गौरतलब है कि इस फैसले से पहले केवल राजस्थान के पास ही 2006 से अरावली खनन को नियंत्रित करने वाली औपचारिक परिभाषा थी।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
राजस्थान GS मेन्स के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण — अरावली संरक्षण, अवैध खनन और राज्य की 2006 की परिभाषा से तुलना पूछी जा सकती है।
📚 संबंधित स्थायी GK
राजस्थान का लगभग 9% भू-भाग अरावली पर्वतमाला में आता है, जो गुजरात से दिल्ली तक फैली भारत की सबसे पुरानी वलित पर्वत श्रृंखलाओं में से एक है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert