बिना डंक वाली मधुमक्खियां और अन्य परागणकर्ता भारत की आम फसल को सहारा देते हैं
29 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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जून 2026 में एक फीचर में बिना डंक वाली मधुमक्खियों समेत उन कीटों को उजागर किया गया, जो भारत के आम के पेड़ों का परागण करते हैं, ऐसे समय जब परागणकर्ता संरक्षण पर वैश्विक ध्यान बढ़ रहा है।
क्या हुआ
एक रिपोर्ट में उन कीटों की पड़ताल की गई, जिनमें बिना डंक वाली मधुमक्खियां शामिल हैं, जो भारत भर में आम के पेड़ों का परागण करते हैं, ऐसी फसल जिसकी अच्छी पैदावार प्रभावी परागण पर बहुत हद तक निर्भर करती है। इसमें बताया गया कि मई में पेरू में बिना डंक वाली मधुमक्खियां अस्तित्व में रहने, फलने-फूलने और अदालत में प्रतिनिधित्व पाने का कानूनी अधिकार जीतने वाला पहला कीट बनीं, जो वैश्विक स्तर पर परागणकर्ता संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। ऐसे परागणकर्ताओं को कीटनाशकों के इस्तेमाल, जलवायु परिवर्तन और आक्रामक प्रजातियों की प्रतिस्पर्धा से बढ़ते खतरों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे परागणकर्ताओं की सुरक्षा को उन खाद्य फसलों को बचाने के लिए जरूरी माना जा रहा है, जो इन पर निर्भर हैं, जिनमें भारत के आम के बाग भी शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
- 1बिना डंक वाली मधुमक्खियों समेत भारत में आम के परागणकर्ता कीटों पर फीचर
- 2मई में पेरू की बिना डंक वाली मधुमक्खियों को अदालत में अस्तित्व का कानूनी अधिकार मिला
- 3परागणकर्ताओं को कीटनाशक, जलवायु परिवर्तन व आक्रामक प्रजातियों से खतरा
- 4परागणकर्ता संरक्षण परागण-निर्भर खाद्य फसलों की सुरक्षा से जुड़ा
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
जैव विविधता, परागणकर्ता संरक्षण और कृषि से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के पर्यावरण खंड के लिए प्रासंगिक है।
स्थायी GK: भारत आम का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है, और उत्तर प्रदेश सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है।