28 जनवरी 2026 · 28 January 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भारतीय मध्यस्थता परिषद (ACI)
Arbitration Council of India
ACI — मध्यस्थता व सुलह (संशोधन) अधिनियम 2019 के तहत प्रस्तावित; मध्यस्थ संस्थानों का विनियमन।
मुख्य तथ्य
- •भारतीय मध्यस्थता परिषद (ACI)।
- •मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम 1996 (2019 संशोधन)।
- •मध्यस्थता व ADR को बढ़ावा/मानकीकरण।
- •मध्यस्थ संस्थानों/मध्यस्थों की मान्यता।
- •भारत को संस्थागत मध्यस्थता हब बनाना।
भारतीय मध्यस्थता परिषद (Arbitration Council of India/ACI) की चर्चा हुई। ACI मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम, 1996 (2019 संशोधन) के तहत प्रस्तावित एक निकाय है, जिसका उद्देश्य भारत में मध्यस्थता (arbitration) व वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) को बढ़ावा देना व मानकीकृत करना है। यह मध्यस्थ संस्थानों की मान्यता/श्रेणीकरण, मध्यस्थों की मान्यता व ADR की गुणवत्ता बढ़ाने का कार्य करेगा। उद्देश्य भारत को संस्थागत मध्यस्थता का वैश्विक केंद्र बनाना, अदालती मुकदमों का बोझ घटाना व व्यापार सुगमता बढ़ाना है। यह न्याय वितरण, विवाद समाधान व निवेशक विश्वास से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
मध्यस्थता, ACI व वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) राजव्यवस्था/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
ACI — मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम 1996 (2019 संशोधन)। ADR — वैकल्पिक विवाद समाधान। संस्थागत मध्यस्थता हब। व्यापार सुगमता।
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