13 फरवरी 2026 · 13 February 2026
आर्कटिक तापन आक्रामक प्रजातियों के खतरे को बढ़ाता है
Arctic warming amplifies invasive species threat
आर्कटिक के गर्म होने से आक्रामक प्रजातियों (invasive species) के खतरे के बढ़ने संबंधी अध्ययन की चर्चा हुई। आर्कटिक वैश्विक औसत की तुलना में 2-4 गुना तेज़ी से गर्म हो रहा है ('आर्कटिक प्रवर्धन'/Arctic amplification)। गर्म होते तापमान, पिघलती समुद्री-बर्फ व बदलते आवास नई 'आक्रामक/विदेशी प्रजातियों' (जो स्वाभाविक रूप से वहाँ नहीं पाई जातीं) के लिए द्वार खोलते हैं, जो देशी आर्कटिक प्रजातियों से प्रतिस्पर्धा कर पारिस्थितिकी-तंत्र को बाधित करती हैं (जैव विविधता-हानि)। बढ़ता जहाज़रानी-यातायात (खुलते आर्कटिक मार्ग) भी प्रजाति-स्थानांतरण बढ़ाता है। भारत आर्कटिक परिषद का एक पर्यवेक्षक है व यहाँ 'हिमाद्रि' अनुसंधान केंद्र संचालित करता है। यह जलवायु परिवर्तन व जैव विविधता से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert