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राष्ट्रीय · रक्षा

Atomic Energy Regulatory Board (AERB) की नियामक स्वतंत्रता

19 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

AERB की सरकार द्वारा नियंत्रित नियुक्तियाँ परमाणु सुरक्षा की स्वतंत्र निगरानी को कमजोर करती हैं।

क्या हुआ

AERB को SHANTI Act के तहत नियामक प्राधिकार को मजबूत करने के लिए सांविधिक दर्जा दिया गया है। हालांकि, Section 17(4) के तहत सदस्यों की नियुक्ति सरकारी नियंत्रण में है, जो स्वतंत्र नियामन को कमजोर करता है। परमाणु सुरक्षा के लिए संस्थागत, वित्तीय और तकनीकी स्वायत्तता आवश्यक है। Raja Ramanna Committee (1997) और NSRA Bill (2011) ने परमाणु नियामक प्राधिकार की स्वतंत्रता की सिफारिश की थी। CAG की 2010 रिपोर्ट में खतरनाक स्थलों के 85% नियामक निरीक्षण में कमी दर्ज की गई थी।

मुख्य तथ्य

  1. 1AERB को SHANTI Act के तहत सांविधिक दर्जा दिया गया है।
  2. 2Section 17(4) सरकार को AERB सदस्यों की नियुक्ति पर नियंत्रण देता है।
  3. 3Raja Ramanna Committee (1997) ने Atomic Energy Act, 1962 में सुधार की सिफारिश की थी।
  4. 4CAG ने खतरनाक स्थलों में 85% निरीक्षण कमी दर्ज की।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

परमाणु नियामकों की स्वतंत्रता, संस्थागत संघर्ष और Raja Ramanna Committee की सिफारिशें।

स्थायी GK: Raja Ramanna Committee (1997) का गठन भारत की परमाणु नियामक प्रणाली को मजबूत करने की सिफारिशों के लिए किया गया था।

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