ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन
30 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ज़ोजिला दर्रा — NH-1 पर ~11,575 फीट; श्रीनगर को लेह से जोड़ता है; 2025-26 में पहली बार शीतकाल में खुला।
क्या हुआ
ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन (avalanche) की चर्चा हुई। हिमस्खलन पहाड़ी ढलानों से बर्फ, हिम व मलबे का अचानक तीव्र खिसकना है, जो हिमालयी क्षेत्र में एक प्रमुख प्राकृतिक आपदा है। ज़ोजिला दर्रा (~3,528 मीटर) ग्रेटर हिमालय में स्थित है, जो श्रीनगर (कश्मीर घाटी) को लद्दाख (कारगिल/लेह) से जोड़ता है — यह रणनीतिक व सैन्य दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है (सर्दियों में बर्फ से बंद हो जाता है)। यहाँ निर्माणाधीन 'ज़ोजिला सुरंग' (एशिया की सबसे लंबी द्वि-दिशात्मक सुरंगों में) पूरे वर्ष कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। हिमस्खलन भूकंपीय हिमालय की भेद्यता दर्शाता है। यह पर्यावरण, आपदा प्रबंधन व भूगोल से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1ज़ोजिला दर्रे पर हिमस्खलन।
- 2हिमस्खलन — बर्फ/हिम का अचानक खिसकना।
- 3ज़ोजिला (~3,528 मी) — श्रीनगर-लद्दाख मार्ग।
- 4रणनीतिक/सैन्य महत्व; सर्दियों में बंद।
- 5ज़ोजिला सुरंग — पूरे वर्ष कनेक्टिविटी।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ज़ोजिला दर्रा, हिमस्खलन व ज़ोजिला सुरंग भूगोल में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: ज़ोजिला दर्रा (~3,528 मी) — श्रीनगर को लद्दाख से जोड़ता है; रणनीतिक। ज़ोजिला सुरंग — पूरे वर्ष कनेक्टिविटी। हिमस्खलन — हिमालयी आपदा।