AYUSHEXCIL व मसाला बोर्ड के बीच समझौता
26 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
मसाला बोर्ड (1987) — 52 अनुसूचित मसालों का निर्यात संवर्धन।
क्या हुआ
AYUSHEXCIL व मसाला बोर्ड के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर की चर्चा हुई। AYUSHEXCIL (आयुष निर्यात संवर्धन परिषद) आयुष (आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध, होम्योपैथी) उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देती है। मसाला बोर्ड भारतीय मसालों के निर्यात-संवर्धन, गुणवत्ता व अनुसंधान का नोडल निकाय है। यह MoU आयुष व मसाला क्षेत्रों के बीच तालमेल बढ़ाएगा — कई मसाले (हल्दी, अदरक, मेथी) औषधीय/आयुष महत्व रखते हैं — जिससे मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता मानक, अनुसंधान व वैश्विक निर्यात बढ़ेंगे। यह 'मेक इन इंडिया', कृषि-निर्यात व पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देता है। यह अर्थव्यवस्था व निर्यात संवर्धन से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1AYUSHEXCIL व मसाला बोर्ड के बीच MoU।
- 2AYUSHEXCIL — आयुष उत्पादों का निर्यात संवर्धन।
- 3मसाला बोर्ड — मसाला निर्यात/गुणवत्ता नोडल।
- 4कई मसालों का औषधीय/आयुष महत्व (हल्दी आदि)।
- 5मूल्य संवर्धन, गुणवत्ता, वैश्विक निर्यात।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
कमोडिटी बोर्ड, निर्यात संवर्धन परिषद व आयुष अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: AYUSHEXCIL — आयुष निर्यात संवर्धन परिषद। मसाला बोर्ड — मसाला निर्यात नोडल निकाय। आयुष — आयुर्वेद/योग/यूनानी/सिद्ध/होम्योपैथी। हल्दी आदि।