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राष्ट्रीय · पर्यावरण

कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से कान्हा में बाघों की मौत

21 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

CDV — कान्हा टाइगर रिज़र्व (MP); गिर में शेरों को भी प्रभावित कर चुका।

क्या हुआ

कान्हा (मध्य प्रदेश) में कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस (CDV) से बाघों की मृत्यु की चर्चा हुई। CDV एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है, जो मुख्यतः कुत्तों व अन्य मांसाहारियों (बाघ, शेर, तेंदुआ) को प्रभावित करता है व तंत्रिका-तंत्र, श्वसन व पाचन प्रणाली को नुकसान पहुँचाता है। आवारा/घरेलू कुत्तों से जंगली बड़ी बिल्लियों में इसका संक्रमण संरक्षण के लिए गंभीर खतरा है (एशियाई शेरों में 2018 का प्रकोप)। रोकथाम — संरक्षित क्षेत्रों के आसपास कुत्तों का टीकाकरण, बफर-ज़ोन प्रबंधन व रोग निगरानी। कान्हा एक प्रमुख टाइगर रिज़र्व है (प्रोजेक्ट टाइगर; बारहसिंगा हेतु प्रसिद्ध)। यह वन्यजीव संरक्षण व जैव विविधता से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1कान्हा में CDV से बाघों की मृत्यु।
  2. 2CDV — अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग।
  3. 3कुत्तों से बड़ी बिल्लियों में संक्रमण; संरक्षण खतरा।
  4. 4रोकथाम — कुत्तों का टीकाकरण, रोग निगरानी।
  5. 5कान्हा — टाइगर रिज़र्व (MP); बारहसिंगा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

वन्यजीव रोग, बाघ रिज़र्व व संरक्षण पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: CDV — कैनाइन डिस्टेम्पर वायरस; कुत्तों/बड़ी बिल्लियों को प्रभावित। कान्हा — टाइगर रिज़र्व (MP); बारहसिंगा। प्रोजेक्ट टाइगर; NTCA।

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