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राष्ट्रीय

CAQM ने पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की रोकथाम के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए

6 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

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वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पंजाब और हरियाणा के 34 जिलों में 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक पराली जलाने की रोकथाम के लिए फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए हैं।

क्या हुआ

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने पंजाब और हरियाणा में धान की पराली जलाने की रोकथाम के लिए क्षेत्रीय निगरानी तंत्र को और मजबूत किया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) को संदेश भेजकर दोनों राज्यों के कुल 34 जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। पंजाब में संगरूर, तरनतारन, फिरोजपुर, मुक्तसर, बठिंडा, अमृतसर, मोगा, मानसा, फाजिल्का, पटियाला, लुधियाना, कपूरथला, फरीदकोट, बरनाला, मलेरकोटला, गुरदासपुर, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब सहित 18 जिलों में तैनाती की गई है। हरियाणा में जींद, फतेहाबाद, हिसार, कैथल, सोनीपत, रोहतक, सिरसा, करनाल, पलवल, झज्जर, कुरुक्षेत्र, अंबाला, यमुनानगर, फरीदाबाद, पानीपत और हांसी में तैनाती है। ये दल किसानों, पराली संरक्षण बल, जिला अधिकारियों और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों के साथ समन्वय करेंगे और प्रतिदिन CAQM सेल को रिपोर्ट देंगे।

मुख्य तथ्य

  1. 1CAQM ने पंजाब और हरियाणा के 34 जिलों में फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए
  2. 2तैनाती की अवधि 1 अक्टूबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक है
  3. 3पंजाब के 18 जिलों और हरियाणा के 16 जिलों में निगरानी की जा रही है
  4. 4फ्लाइंग स्क्वाड प्रतिदिन CAQM सेल को स्थिति की रिपोर्ट देंगे
  5. 5दल किसानों, पराली संरक्षण बल और जिला अधिकारियों के साथ समन्वय करेंगे
स्थायी GK: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की स्थापना वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021 के तहत की गई थी।

स्रोत: PIB (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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