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25 अगस्त 2026 · 25 August 2026

गोर्खालैंड मुद्दे के समाधान के लिए केंद्रीय समिति का गठन

Central Committee Constituted for Permanent Solution to Gorkhaland Issue

गोर्खालैंड के दशकों पुराने मुद्दे के लिए केंद्र सरकार ने पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में समिति का गठन किया।

मुख्य तथ्य

  • गोर्खालैंड मांग दार्जिलिंग और सटे हुए तराई-दुआर क्षेत्रों को मिलाकर बनी है
  • गोर्खा आबादी नेपाली भाषी है और बंगाली-बहुल मैदानी क्षेत्रों से जातीय और सांस्कृतिक रूप से अलग है
  • समिति 11 गोर्खा समुदायों के लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की रोडमैप तैयार करेगी
  • यह समाधान भारतीय संविधान के ढांचे के भीतर होगा
गोर्खालैंड मुद्दा पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग पहाड़ियों में नेपाली भाषी गोर्खा जनसंख्या के लिए एक अलग प्रशासनिक इकाई की लंबे समय से चली आ रही मांग है। यह मुद्दा जातीय, सांस्कृतिक और भाषाई अलगता, आर्थिक उपेक्षा और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी पर आधारित है। दार्जिलिंग क्षेत्र चाय, लकड़ी और पर्यटन में महत्वपूर्ण योगदान देता है किंतु बुनियादी ढांचे के विकास में पिछड़ा हुआ है। समिति संविधान की रूपरेखा के भीतर प्रशासन, वित्तीय सहायता और 11 गोर्खा समुदायों को अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा प्रदान करने की रोडमैप की जांच करेगी।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

भारतीय संघ में क्षेत्रीय आकांक्षाओं को संभालना, जातीय अल्पसंख्यक अधिकार और संवैधानिक समाधान की रणनीति।

📚 संबंधित स्थायी GK

दार्जिलिंग क्षेत्र का ऐतिहासिक संबंध सिक्किम और भूटान के साथ था, बाद में यह ब्रिटिश नियंत्रण में आया।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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