राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध बालू खनन पर सुप्रीम कोर्ट की चिंता
28 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
चंबल अभयारण्य — राजस्थान+MP+UP; घड़ियाल का प्रमुख आवास।
क्या हुआ
सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य में अवैध बालू (रेत) खनन पर चिंता जताई। चंबल नदी यमुना की सहायक नदी है तथा अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के त्रि-राज्यीय क्षेत्र में फैला है। यह घड़ियाल (गंभीर रूप से संकटग्रस्त), गंगा डॉल्फिन व मगर का महत्वपूर्ण आवास है। अवैध रेत खनन नदी पारिस्थितिकी, घोंसले स्थलों व जैव विविधता को नुकसान पहुँचाता है। यह राजस्थान (कोटा, धौलपुर, सवाई माधोपुर) के लिए विशेष रूप से प्रासंगिक है।
मुख्य तथ्य
- 1SC ने चंबल अभयारण्य में अवैध रेत खनन पर चिंता जताई।
- 2चंबल — यमुना की सहायक; त्रि-राज्यीय अभयारण्य (MP, राजस्थान, UP)।
- 3घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगर का प्रमुख आवास।
- 4घड़ियाल — गंभीर रूप से संकटग्रस्त (IUCN)।
- 5राजस्थान — कोटा, धौलपुर, सवाई माधोपुर हेतु प्रासंगिक।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
चंबल अभयारण्य, घड़ियाल व बालू खनन नियमन राजस्थान/पर्यावरण में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य — MP, राजस्थान, UP (त्रि-राज्यीय)। चंबल — यमुना की सहायक; घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगर। घड़ियाल — IUCN गंभीर संकटग्रस्त।