SC ने चंबल रेत खनन पर राज्यों को चेताया
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य — पहला त्रि-राज्यीय (राजस्थान, MP, UP) संरक्षित क्षेत्र; विश्व की ~90% जंगली घड़ियाल आबादी।
क्या हुआ
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा चंबल में अवैध रेत खनन को लेकर राज्यों को चेतावनी की चर्चा हुई। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य मध्य प्रदेश, राजस्थान व उत्तर प्रदेश के त्रि-राज्यीय क्षेत्र में फैला है, जो घड़ियाल (गंभीर रूप से संकटग्रस्त मगरमच्छ), गंगा डॉल्फिन व मगर का महत्वपूर्ण आवास है। अवैध रेत खनन नदी-तल, घोंसले स्थलों व इन प्रजातियों के आवास को नष्ट करता है। SC ने राज्यों को अवैध खनन रोकने व अभयारण्य की रक्षा करने का सख्त निर्देश दिया। यह विकास/संसाधन-दोहन बनाम पारिस्थितिकी संरक्षण के संतुलन को दर्शाता है। यह राजस्थान (कोटा, धौलपुर, सवाई माधोपुर) हेतु प्रासंगिक है। यह पर्यावरण व जैव विविधता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1SC ने चंबल रेत खनन पर राज्यों को चेताया।
- 2चंबल अभयारण्य — MP, राजस्थान, UP (त्रि-राज्यीय)।
- 3घड़ियाल, गंगा डॉल्फिन, मगर का आवास।
- 4अवैध रेत खनन — नदी-तल/घोंसले नष्ट।
- 5राजस्थान (कोटा, धौलपुर) हेतु प्रासंगिक।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
घड़ियाल, चंबल अभयारण्य व प्रोजेक्ट क्रोकोडाइल पर्यावरण में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य — MP, राजस्थान, UP (त्रि-राज्यीय)। घड़ियाल (गंभीर संकटग्रस्त); गंगा डॉल्फिन। अवैध रेत खनन; SC चेतावनी।