छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने यूसीसी मसौदा तैयार करने के लिए समिति गठित की
16 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ कैबिनेट ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का मसौदा तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है। यह कदम उत्तराखंड द्वारा 2024 में स्वतंत्र भारत का पहला यूसीसी कानून लागू करने के बाद उठाया गया है। यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में धार्मिक व्यक्तिगत कानूनों की जगह सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू करना है।
छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति (एसटी) की आबादी राज्य की कुल जनसंख्या का लगभग 30-32% है। जनजातीय समुदाय विशेष रूप से विवाह और उत्तराधिकार के मामलों में अपनी प्रथागत कानूनों का पालन करते हैं। कांग्रेस ने आशंका जताई है कि यूसीसी लागू होने से इन परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 44 में यूसीसी को राज्य के नीति निदेशक तत्व (डीपीएसपी) के रूप में शामिल किया गया है। यह घटनाक्रम संघवाद, पांचवीं अनुसूची, जनजातीय अधिकार और यूसीसी पर राष्ट्रीय बहस की दृष्टि से आरएएस परीक्षा के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।