छत्तीसगढ़ पावर प्लांट हादसा: प्रवासी मजदूरों की मौत, औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल
16 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक पावर प्लांट में हुए दर्दनाक हादसे में पश्चिम बंगाल के पूर्बा मेदिनीपुर जिले के हल्दिया से आए कई प्रवासी मजदूरों की मृत्यु हो गई। ये मजदूर घटना से लगभग 45 दिन पहले ही प्लांट में काम पर लगे थे, जो ठेका आधारित अल्पकालिक श्रमिकों की असुरक्षित स्थिति को उजागर करता है। रायगढ़ के सरकारी अस्पताल में साथी मजदूर और परिजन शवों की प्रतीक्षा में जुटे रहे। यह घटना अंतर-राज्यीय प्रवासी कामगार (रोजगार एवं सेवा शर्तों का विनियमन) अधिनियम, 1979 तथा कारखाना अधिनियम, 1948 के प्रभावी क्रियान्वयन पर प्रश्नचिह्न लगाती है। खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) और राज्य श्रम विभाग की नियमित निरीक्षण भूमिका भी जाँच के दायरे में आती है। पावर प्लांट जैसे खतरनाक उद्योगों में सुरक्षा उपकरण, आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली और समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य हैं। रायगढ़ छत्तीसगढ़ का प्रमुख थर्मल पावर और इस्पात उद्योग केंद्र है। यह हादसा श्रम कल्याण कानून, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक नीति के अध्ययन की दृष्टि से RAS परीक्षार्थियों के लिए महत्त्वपूर्ण है।