CHIME टेलीस्कोप ने हाइड्रोजन की प्राचीनतम चमक का मानचित्रण किया
30 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
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भारतीय वैज्ञानिकों सहित अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से CHIME टेलीस्कोप ने पहली बार स्वतंत्र रूप से लगभग पाँच अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड से हाइड्रोजन की चमक का पता लगाया।
क्या हुआ
कनाडा में स्थित CHIME इंटरफेरोमेट्रिक रेडियो टेलीस्कोप ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में पहली बार स्वतंत्र रूप से लगभग पाँच अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड से हाइड्रोजन की चमक का पता लगाया है। इस अध्ययन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) के वैज्ञानिक शामिल थे। यह टेलीस्कोप प्रारंभिक ब्रह्मांड में हाइड्रोजन गैस के वितरण का मानचित्रण करने के लिए बनाया गया था, जिससे खगोलविद ब्रह्मांड के विस्तार और डार्क एनर्जी का अध्ययन कर सकें। यह खोज वैज्ञानिकों को डार्क एनर्जी का अध्ययन करने के लिए तेज़ और कम खर्चीली विधि प्रदान करती है। निष्कर्ष द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुए हैं। शोध में 2019 में एकत्र किए गए 94 रातों के अवलोकन डेटा का उपयोग किया गया। अध्ययन से पता चला कि उस समय ब्रह्मांड में लगभग दो प्रतिशत हाइड्रोजन तटस्थ परमाणु रूप में थी।
मुख्य तथ्य
- 1CHIME टेलीस्कोप ने पहली बार स्वतंत्र रूप से लगभग पाँच अरब वर्ष पुराने ब्रह्मांड से हाइड्रोजन की चमक का पता लगाया।
- 2अध्ययन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के स्वायत्त संस्थान रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक शामिल थे।
- 3शोध में 2019 में एकत्र किए गए 94 रातों के अवलोकन डेटा का उपयोग किया गया।
- 4अध्ययन से पता चला कि उस समय ब्रह्मांड में लगभग दो प्रतिशत हाइड्रोजन तटस्थ परमाणु रूप में थी।
- 5निष्कर्ष द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित हुए हैं।
- 6यह खोज डार्क एनर्जी के अध्ययन के लिए तेज़ और कम खर्चीली विधि प्रदान करती है।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
CHIME टेलीस्कोप परियोजना में भारत के किस संस्थान के वैज्ञानिक शामिल थे और इसका उद्देश्य क्या था?
स्थायी GK: रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना 1948 में बंगलौर में की गई थी।