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राष्ट्रीय · पर्यावरण

गतिशीलता में चक्रीय अर्थव्यवस्था

5 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

चक्रीय अर्थव्यवस्था — पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण व पुनर्निर्माण से अपशिष्ट कम करना (बनाम रैखिक 'लो-बनाओ-फेंको')।

क्या हुआ

गतिशीलता (mobility) में चक्रीय अर्थव्यवस्था की चर्चा हुई। चक्रीय अर्थव्यवस्था 'लो-बनाओ-फेंको' (रैखिक) मॉडल के स्थान पर संसाधनों के पुन: उपयोग, पुनर्चक्रण, मरम्मत व पुनर्निर्माण पर बल देती है। वाहन क्षेत्र में इसका अर्थ है — EV बैटरियों का पुनर्चक्रण/दूसरा जीवन, स्क्रैपेज नीति (पुराने वाहनों का वैज्ञानिक निपटान), धातुओं/महत्वपूर्ण खनिजों (लिथियम, कोबाल्ट) की रिकवरी, व साझा गतिशीलता। यह संसाधन दक्षता, आयात निर्भरता में कमी, अपशिष्ट व उत्सर्जन में कटौती तथा हरित रोज़गार को बढ़ावा देता है। यह नेट ज़ीरो (2070), EV संक्रमण व सतत विकास से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1गतिशीलता में चक्रीय अर्थव्यवस्था।
  2. 2रैखिक 'लो-बनाओ-फेंको' के स्थान पर पुन: उपयोग/पुनर्चक्रण।
  3. 3EV बैटरी पुनर्चक्रण; वाहन स्क्रैपेज नीति।
  4. 4महत्वपूर्ण खनिज (लिथियम, कोबाल्ट) रिकवरी।
  5. 5संसाधन दक्षता; नेट ज़ीरो; हरित रोज़गार।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

चक्रीय अर्थव्यवस्था, EV बैटरी पुनर्चक्रण व वाहन स्क्रैपिंग पर्यावरण/अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: चक्रीय अर्थव्यवस्था — पुन: उपयोग/पुनर्चक्रण। वाहन स्क्रैपेज नीति। EV बैटरी पुनर्चक्रण; लिथियम/कोबाल्ट रिकवरी। मिशन LiFE।

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