सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों पर जोजरी नदी प्रदूषण रोकने के लिए राजस्थान सक्रिय
11 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
जोजरी-बांडी-लूणी प्रदूषण पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश से बना इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप मुख्य सचिव की अध्यक्षता में काम करता है।
क्या हुआ
जोजरी, बांडी और लूणी नदियों का प्रदूषण रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर बने इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप की बैठक जयपुर सचिवालय में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई। उन्होंने विभागों को प्रदूषित पानी की रोकथाम, मिट्टी, फसल व भूजल की जाँच, स्वास्थ्य निगरानी और दोषियों पर कार्रवाई के लिए समयबद्ध व दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने को कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने 7 अगस्त 2026 को राज्य को सात दिन में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में यह समूह बनाने का निर्देश दिया था। न्यायालय ने नदी पुनर्जीवन प्राधिकरण और उल्लंघनों की शिकायत के लिए QR कोड आधारित मंच बनाने को भी कहा था।
मुख्य तथ्य
- 1इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन ग्रुप के अध्यक्ष: मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
- 2सर्वोच्च न्यायालय का आदेश (7 अगस्त 2026): जोजरी, बांडी, लूणी नदियाँ
- 3विभागों को समयबद्ध व दीर्घकालिक कार्ययोजना बनाने के निर्देश
- 4न्यायालय ने QR कोड आधारित शिकायत मंच और नदी प्राधिकरण भी माँगा
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में जोजरी का उद्गम, लूणी से इसका संबंध या इस प्रदूषण से प्रभावित जिले (जोधपुर, पाली, बालोतरा) पूछे जा सकते हैं।
स्थायी GK: जोजरी नदी नागौर जिले की पहाड़ियों से निकलकर जोधपुर जिले में लूणी से मिलती है; यह लूणी की एकमात्र दाहिने किनारे की सहायक नदी है और अरावली से न निकलने वाली एकमात्र सहायक नदी भी।