परिचय
सर्वोच्च न्यायालय 28 जनवरी 1950 को स्थापित। नई दिल्ली। संविधान के भाग V (अनुच्छेद 124-147) के तहत।
मुख्य तथ्य
1 CJI + 33 अन्य न्यायाधीश (कुल 34)। नियुक्ति: राष्ट्रपति द्वारा कॉलेजियम की सिफारिश पर। सेवानिवृत्ति: 65 वर्ष। महाभियोग (अनु. 124(4)): सिद्ध कदाचार या अक्षमता। क्षेत्राधिकार: मूल (अनु. 131), अपीलीय, रिट (अनु. 32), परामर्शदात्री (अनु. 143)। ऐतिहासिक निर्णय: केशवानंद भारती (1973) — मूल ढाँचा सिद्धांत। पुट्टस्वामी (2017) — निजता मूल अधिकार। PIL: पी.एन. भगवती और वी.आर. कृष्ण अय्यर — PIL के जनक।
RAS Prelims में महत्व
न्यायाधीश संख्या, नियुक्ति, महाभियोग, मूल ढाँचा सिद्धांत, PIL और ऐतिहासिक निर्णय परीक्षा में पूछे जाते हैं।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।