भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा और वन संरक्षण रोडमैप के साथ जलवायु प्रतिबद्धता दोहराई
2 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
जून 2026 में भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार और वन संरक्षण को जोड़ने वाला रोडमैप घोषित करते हुए अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं को फिर से दोहराया।
क्या हुआ
भारत ने कार्बन-न्यूट्रैलिटी से जुड़े लक्ष्यों को नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तारित कार्यक्रम और वन संरक्षण रोडमैप से जोड़ते हुए अपनी दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं को फिर दोहराया। यह घोषणा आर्थिक वृद्धि और उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाती है। यह सीधे तौर पर 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने की भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता से जुड़ा है। यह रोडमैप आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा तैनाती और वन आवरण संरक्षण पर क्षेत्रीय नीति को दिशा देगा।
मुख्य तथ्य
- 1रोडमैप कार्बन-न्यूट्रैलिटी लक्ष्यों को नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार से जोड़ता है
- 2वन संरक्षण को मुख्य स्तंभ के रूप में शामिल किया गया
- 3भारत की दीर्घकालिक नेट-जीरो जलवायु प्रतिबद्धता की पुनः पुष्टि
- 4क्षेत्रीय स्वच्छ ऊर्जा व वानिकी नीति को दिशा देने का लक्ष्य
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
जलवायु परिवर्तन, अंतरराष्ट्रीय समझौतों (COP26) और भारत की ऊर्जा नीति से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
स्थायी GK: भारत ने 2021 में ग्लासगो में हुए COP26 सम्मेलन में 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन हासिल करने का संकल्प लिया था।