भारत में जलवायु-अनुकूल कृषि
2 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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जलवायु-अनुकूल कृषि — सूखा/बाढ़-सहिष्णु किस्में, सटीक खेती, जल-कुशल तकनीकें।
क्या हुआ
भारत में जलवायु-सहनशील कृषि (climate-resilient agriculture) की चर्चा हुई। जलवायु परिवर्तन (अनियमित मानसून, सूखा, बाढ़, लू, बढ़ता तापमान) कृषि उत्पादकता, खाद्य सुरक्षा व किसान आय के लिए गंभीर खतरा है। जलवायु-सहनशील कृषि में शामिल हैं — सूखा/लवण/गर्मी-सहनशील किस्में, सूक्ष्म सिंचाई, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, फसल विविधीकरण, मिश्रित खेती, मौसम-आधारित सलाह व फसल बीमा (PMFBY)। ICAR की NICRA परियोजना व जलवायु-स्मार्ट गाँव इस दिशा में काम करते हैं। यह खाद्य सुरक्षा, अनुकूलन, सतत विकास व किसान कल्याण को संतुलित करता है। राजस्थान जैसे शुष्क/अर्ध-शुष्क क्षेत्रों के लिए यह अत्यंत प्रासंगिक है। यह कृषि व जलवायु अनुकूलन से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत में जलवायु-सहनशील कृषि।
- 2जलवायु परिवर्तन — कृषि/खाद्य सुरक्षा हेतु खतरा।
- 3सहनशील किस्में, सूक्ष्म सिंचाई, फसल विविधीकरण।
- 4NICRA (ICAR); जलवायु-स्मार्ट गाँव; PMFBY।
- 5राजस्थान जैसे शुष्क क्षेत्रों हेतु प्रासंगिक।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
जलवायु-अनुकूल कृषि, NICRA व मोटे अनाज पर्यावरण/कृषि में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: जलवायु-सहनशील कृषि — सहनशील किस्में, सूक्ष्म सिंचाई। NICRA (ICAR); जलवायु-स्मार्ट गाँव। PMFBY (फसल बीमा)। राजस्थान — शुष्क क्षेत्र।