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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

कोलसेतु नीति और कोयला/खनन क्षेत्र की अन्य बड़ी खबरें

9 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कोयला लिंकेज नीलामी के लिए 'कोलसेतु' नीति मंजूर की, नुमालीगढ़ रिफाइनरी को नवरत्न दर्जा मिला, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में देश का पहला वर्चुअल रियलिटी माइन सिम्युलेटर शुरू हुआ, और आंध्र प्रदेश की पोंडुरु खादी को जीआई टैग मिला।

क्या हुआ

कोलसेतु (कोल लिंकेज फॉर सीमलेस एफिशिएंट एंड ट्रांसपेरेंट यूटिलाइजेशन) नीति के तहत किसी भी औद्योगिक उपयोग या निर्यात के लिए दीर्घकालिक कोयला लिंकेज अब नीलामी के जरिए आवंटित होगा; यह 2016 की गैर-विनियमित क्षेत्र (एनआरएस) लिंकेज नीलामी नीति का ही एक नया विंडो है, जिसमें कोकिंग कोल शामिल नहीं होगा। इसी दौरान नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (असम) नवरत्न दर्जा पाने वाला 27वां सीपीएसई बना, और कोल इंडिया, एनसीएल व ईसीएल के सहयोग से आईआईटी (आईएसएम) धनबाद ने देश का पहला वीआर-आधारित कोयला खनन सुरक्षा सिम्युलेटर शुरू किया।

मुख्य तथ्य

  1. 1कोलसेतु नीति के तहत किसी भी औद्योगिक उपयोग या निर्यात के लिए दीर्घकालिक कोयला लिंकेज नीलामी से आवंटित होगा; कोकिंग कोल इसमें शामिल नहीं है।
  2. 2नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (असम, स्थापना 1993, क्षमता 3 एमएमटीपीए) नवरत्न दर्जा पाने वाला 27वां केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (सीपीएसई) बना।
  3. 3आंध्र प्रदेश के पोंडुरु गांव की परंपरागत हस्तनिर्मित सूती खादी को जीआई टैग मिला — महात्मा गांधी ने इसे 'यंग इंडिया' पत्रिका में सराहा था।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रीलिम्स के लिए स्थैतिक तथ्यों (पीएसयू श्रेणीकरण, जीआई टैग) का अच्छा स्रोत; मुख्य परीक्षा में कोयला क्षेत्र सुधार व खनन सुरक्षा तकनीक पर प्रश्न बन सकते हैं।

स्थायी GK: केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों (सीपीएसई) को वित्तीय स्वायत्तता के आधार पर महारत्न, नवरत्न और मिनीरत्न श्रेणियों में बांटा जाता है; महारत्न सबसे ऊंचा दर्जा है।

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