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4 फरवरी 2026 · 4 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

वेतन संहिता, 2019

Code of Wages, 2019

वेतन संहिता 2019 — 4 पुराने वेतन कानूनों को समेकित; सार्वभौमिक न्यूनतम वेतन व समय पर भुगतान।

मुख्य तथ्य

  • मज़दूरी संहिता, 2019।
  • 4 पुराने मज़दूरी कानूनों का समेकन।
  • सार्वभौमिक न्यूनतम मज़दूरी; राष्ट्रीय फ्लोर वेज।
  • समान काम-समान वेतन; समय पर भुगतान।
  • चार श्रम संहिताओं में से एक।
मज़दूरी संहिता (Code of Wages), 2019 की चर्चा हुई। यह चार श्रम संहिताओं में से एक है, जो चार पुराने कानूनों — न्यूनतम मज़दूरी अधिनियम 1948, मज़दूरी भुगतान अधिनियम 1936, बोनस भुगतान अधिनियम 1965 व समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976 — को समेकित करती है। इसका मुख्य प्रावधान — सभी क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए सार्वभौमिक न्यूनतम मज़दूरी, 'फ्लोर वेज' (राष्ट्रीय न्यूनतम), समय पर मज़दूरी भुगतान, व लिंग आधारित भेदभाव पर रोक (समान काम-समान वेतन)। यह श्रमिक कल्याण, औपचारिकीकरण व व्यापार सुगमता को संतुलित करती है। श्रम समवर्ती सूची का विषय है। नोडल — श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

श्रम संहिताएं, न्यूनतम वेतन व वेतन संहिता राजव्यवस्था/अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

📚 संबंधित स्थायी GK

मज़दूरी संहिता 2019 — 4 कानूनों का समेकन। सार्वभौमिक न्यूनतम मज़दूरी; फ्लोर वेज। समान पारिश्रमिक। चार श्रम संहिताओं में से एक।

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