कोकिंग कोयला महत्वपूर्ण खनिज घोषित
2 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
कोकिंग कोयला — इस्पात निर्माण में आवश्यक; MMDR अधिनियम 1957 के तहत महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिज घोषित।
क्या हुआ
कोकिंग कोल (coking coal) को महत्वपूर्ण खनिज (critical mineral) घोषित किया गया, इसकी चर्चा हुई। कोकिंग कोल (मेटलर्जिकल कोयला) इस्पात निर्माण के लिए आवश्यक कच्चा माल है (ब्लास्ट फर्नेस में कोक के रूप में)। भारत अपनी कोकिंग कोल की अधिकांश ज़रूरत आयात करता है (ऑस्ट्रेलिया आदि से), जिससे यह आपूर्ति सुरक्षा का मुद्दा बनता है। 'महत्वपूर्ण खनिज' वे खनिज हैं जो अर्थव्यवस्था/राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं पर जिनकी आपूर्ति में जोखिम है। इस दर्जे से इसकी घरेलू खोज, खनन, अनुसंधान व आपूर्ति-शृंखला सुरक्षा को प्राथमिकता मिलती है। यह राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM), इस्पात आत्मनिर्भरता व संसाधन सुरक्षा से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1कोकिंग कोल को महत्वपूर्ण खनिज घोषित किया गया।
- 2कोकिंग कोल — इस्पात निर्माण का आवश्यक कच्चा माल।
- 3भारत अधिकांश आयात करता है (ऑस्ट्रेलिया)।
- 4महत्वपूर्ण खनिज — आपूर्ति जोखिम; प्राथमिकता।
- 5राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (NCMM)।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
कोकिंग कोयला, महत्वपूर्ण खनिज व MMDR अधिनियम अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: कोकिंग कोल — इस्पात निर्माण हेतु। भारत — अधिकांश आयात (ऑस्ट्रेलिया)। महत्वपूर्ण खनिज — आपूर्ति जोखिम। NCMM।