16 फरवरी 2026 · 16 February 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025
Corruption Perception Index 2025
CPI — ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा; सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की कथित धारणा (0-100)।
मुख्य तथ्य
- •भ्रष्टाचार बोध सूचकांक (CPI) 2025।
- •ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा; 0-100 पैमाना।
- •सार्वजनिक क्षेत्र में 'कथित' भ्रष्टाचार।
- •भारत — लोकपाल, RTI, DBT, ई-गवर्नेंस।
- •सुशासन व जवाबदेही से जुड़ा।
भ्रष्टाचार बोध सूचकांक (Corruption Perception Index/CPI) 2025 चर्चा में रहा। CPI ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल द्वारा प्रतिवर्ष जारी किया जाता है, जो सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार के 'कथित' स्तर के आधार पर देशों को 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (बहुत स्वच्छ) के पैमाने पर रैंक करता है। यह विशेषज्ञ व व्यापार-जगत के आकलन पर आधारित है। भारत का स्कोर/रैंक शासन की पारदर्शिता, संस्थागत मज़बूती व भ्रष्टाचार-विरोधी प्रयासों (लोकपाल, RTI, डिजिटल शासन/DBT, ई-गवर्नेंस) को दर्शाता है। उच्च भ्रष्टाचार विकास, निवेश व जन-विश्वास को नुकसान पहुँचाता है। यह सुशासन व जवाबदेही से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
CPI, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल व भ्रष्टाचार राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
CPI — ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल; 0-100 पैमाना। सार्वजनिक क्षेत्र भ्रष्टाचार (कथित)। भारत — लोकपाल, RTI, DBT। सुशासन।
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