भ्रष्टाचार बोध सूचकांक 2025: भारत 182 देशों में 91वें स्थान पर
16 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
CPI 2025: भारत 39 अंक, 182 में 91वाँ; डेनमार्क (89) लगातार आठवें वर्ष शीर्ष पर।
क्या हुआ
ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने फरवरी 2026 में भ्रष्टाचार बोध सूचकांक (CPI) 2025 जारी किया, जिसमें 182 देशों और क्षेत्रों को सार्वजनिक क्षेत्र में भ्रष्टाचार की धारणा के आधार पर 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (बहुत स्वच्छ) के पैमाने पर आँका गया। भारत 39 अंक पाकर 91वें स्थान पर रहा, जो पिछले वर्ष से एक अंक अधिक है। डेनमार्क लगातार आठवें वर्ष 89 अंक के साथ पहले स्थान पर रहा; उसके बाद फ़िनलैंड (88) और सिंगापुर (84) हैं। वैश्विक औसत घटकर 42 रह गया और 122 देशों का स्कोर 50 से कम रहा।
मुख्य तथ्य
- 1भारत: स्कोर 39, रैंक 91 (182 देशों में)
- 2शीर्ष: डेनमार्क 89, फ़िनलैंड 88, सिंगापुर 84
- 3वैश्विक औसत 42; 122 देश 50 से नीचे
- 4पैमाना: 0 (अत्यधिक भ्रष्ट) से 100 (बहुत स्वच्छ)
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न आ सकता है कि CPI कौन जारी करता है, CPI 2025 में भारत की रैंक क्या रही या कौन-सा देश शीर्ष पर रहा।
स्थायी GK: ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की स्थापना 1993 में हुई और इसका मुख्यालय बर्लिन में है; पहला CPI 1995 में 45 देशों के लिए जारी हुआ था।