दिल्ली की मध्य रिज आरक्षित वन घोषित
15 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
दिल्ली रिज — अरावली का उत्तरी छोर; आरक्षित वन — IFA 1927 की धारा 20।
क्या हुआ
दिल्ली के केंद्रीय रिज (Central Ridge) को आरक्षित वन (reserved forest) घोषित किए जाने की चर्चा हुई। दिल्ली रिज अरावली पर्वतमाला का उत्तरी विस्तार है, जिसे दिल्ली के 'हरित फेफड़े' कहा जाता है — यह प्रदूषण नियंत्रण, सूक्ष्म-जलवायु नियमन, भूजल पुनर्भरण व जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है। आरक्षित वन भारतीय वन अधिनियम, 1927 के तहत सर्वोच्च स्तर की कानूनी सुरक्षा है, जहाँ अधिकांश गतिविधियाँ (चराई, कटाई, अतिक्रमण) प्रतिबंधित होती हैं (आरक्षित > संरक्षित > ग्राम वन)। यह कदम रिज को अतिक्रमण व निर्माण से बचाएगा। यह अरावली, शहरी पर्यावरण व वन संरक्षण से जुड़ा है। यह पर्यावरण से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1दिल्ली का केंद्रीय रिज — आरक्षित वन घोषित।
- 2दिल्ली रिज — अरावली का उत्तरी विस्तार; 'हरित फेफड़े'।
- 3आरक्षित वन — भारतीय वन अधिनियम 1927; सर्वोच्च सुरक्षा।
- 4अधिकांश गतिविधियाँ प्रतिबंधित; अतिक्रमण से बचाव।
- 5प्रदूषण नियंत्रण, भूजल पुनर्भरण, जैव विविधता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
आरक्षित वन, भारतीय वन अधिनियम 1927 व अरावली पर्यावरण/भूगोल में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: दिल्ली रिज — अरावली का उत्तरी विस्तार; 'हरित फेफड़े'। आरक्षित वन — भारतीय वन अधिनियम 1927 (सर्वोच्च सुरक्षा)। आरक्षित > संरक्षित > ग्राम वन।