12 अगस्त 2026 · 12 August 2026
परिसीमन में सुधार: प्रो-राटा सीटें और भारित प्रतिनिधित्व
Delimitation Reforms: Pro-Rata Seat Augmentation and Weighted Representation
प्रो-राटा सीट वृद्धि सभी राज्यों को आनुपातिक लाभ दे सकती है।
मुख्य तथ्य
- •50% सीट वृद्धि से 543 सीटें लगभग 815 हो सकती हैं
- •भारित सूत्र जनसंख्या, TFR, आर्थिक योगदान और क्षेत्र को मापता है
- •अनुच्छेद 81 में संशोधन की आवश्यकता होगी
- •अंतर-राज्य परिषद से परामर्श आवश्यक है
परिसीमन के मुद्दे को हल करने के लिए दो मुख्य सुधार प्रस्तावित हैं। पहला, 'प्रो-राटा सीट वृद्धि' मॉडल है जहाँ लोकसभा की कुल सीटें बढ़ाई जाती हैं (उदाहरण के लिए, 50% बढ़ोतरी से 543 से 815 सीटें) लेकिन प्रत्येक राज्य का 1971 के अनुपात में सापेक्ष मतदान शक्ति बनी रहती है। यह सभी राज्यों को अधिक प्रतिनिधित्व देता है बिना किसी को नुकसान पहुंचाए। दूसरा, 'भारित प्रतिनिधित्व' सूत्र जनसंख्या (50%), जनसांख्यिकीय प्रदर्शन/TFR (25%), आर्थिक योगदान (15%) और भौगोलिक क्षेत्र (10%) को मिलाता है। हालांकि, अनुच्छेद 81 के तहत संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
संविधानिक सुधार, संघवाद, और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का संतुलन।
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राजस्व आयोग भी सूत्र-आधारित वितरण पद्धति का उपयोग करते हैं।
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