परिसीमन से तेलंगाना में नौ नई लोकसभा सीटें जुड़ेंगी, चुनावी मानचित्र बदलेगा
17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया के तहत तेलंगाना की लोकसभा सीटों की संख्या मौजूदा 17 से बढ़कर लगभग 26 होने की संभावना है। 2 जून 2014 को तेलंगाना राज्य के गठन के बाद से हैदराबाद महानगर क्षेत्र और आसपास के जिलों में तेज जनसंख्या वृद्धि हुई है, जिससे इन क्षेत्रों में सबसे अधिक नई सीटें बनेंगी। परिसीमन प्रक्रिया परिसीमन आयोग अधिनियम के तहत गठित परिसीमन आयोग द्वारा संचालित होती है। वर्तमान में लोकसभा सीटों की संख्या 1971 की जनगणना के आधार पर 42वें संविधान संशोधन (1976) द्वारा स्थिर (फ्रोजन) है, जिसे 2026 के बाद होने वाली जनगणना तक बढ़ाया गया है। रंगारेड्डी, मेडचल-मलकाजगिरी और संगारेड्डी जिलों में नई सीटें बनने की सर्वाधिक संभावना है। यह परिसीमन विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं को भी प्रभावित करेगा तथा SC/ST आरक्षित सीटों के पुनर्निर्धारण पर भी असर डालेगा। परिसीमन आयोग में सामान्यतः मुख्य चुनाव आयुक्त और उच्चतम न्यायालय के दो न्यायाधीश शामिल होते हैं।