DILRMP 3.0 लॉन्च, 'भू-आधार' ULPIN के साथ डिजिटल भूमि अभिलेख योजना का तीसरा चरण
11 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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DILRMP 3.0 ने भूमि अभिलेखों को धोखाधड़ी-मुक्त बनाने हेतु 'भू-आधार' भूमि पार्सल आईडी शुरू की।
क्या हुआ
DILRMP का तीसरा चरण भूमि-स्वामित्व धोखाधड़ी को समाप्त करने के उद्देश्य से प्रत्येक भूमि पार्सल के लिए एक विशिष्ट 14-अंकीय पहचानकर्ता बनाता है, जिसे पंजीकरण कार्यालयों और राजस्व न्यायालयों के साथ एकीकृत किया जाएगा। यह पहले के चरणों पर आधारित है जिन्होंने भूमि अभिलेखों का कंप्यूटरीकरण किया था, और एक एकीकृत, छेड़छाड़-रहित राष्ट्रीय भूमि डेटाबेस बनाने की सरकार की पहल का केंद्र है।
मुख्य तथ्य
- 111 सितंबर 2026 को मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा लॉन्च
- 2परिव्यय: 565.50 करोड़ रुपये; कार्यक्रम अवधि 2026-2031
- 3ULPIN ("भू-आधार"), एक विशिष्ट भूमि पार्सल ID, की शुरुआत
- 4कैडस्ट्रल मैपिंग, पेपरलेस पंजीकरण, राजस्व-न्यायालय एकीकरण शामिल
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
यह RAS के लिए मुख्य GS-2/शासन विषय है — भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण राजस्थान के अपने भूमि-अभिलेख डिजिटलीकरण अभियानों से सीधे जुड़ा है।
स्थायी GK: DILRMP को पहली बार 2008 में दो पुरानी योजनाओं (CLR और SRA) को मिलाकर शुरू किया गया था।