ई20 ईंधन और जैव ईंधन एकीकरण
28 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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ई20 ईंधन और बायोगैस भारत के आयात निर्भरता को घरेलू स्रोतों से कम करते हैं।
क्या हुआ
भारत की रणनीतिक ईंधन प्रणाली केवल भंडारण तक सीमित नहीं है—यह घरेलू वैकल्पिक ईंधनों के आक्रामक एकीकरण को भी शामिल करता है। ई20 ईंधन (20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) और संपीड़ित बायोगैस को बढ़ावा देने से आयातित कच्चे तेल की तत्काल आवश्यकता में कमी आती है। यह दृष्टिकोण न केवल विदेशी मुद्रा को बचाता है बल्कि कृषि-आधारित ईंधन उत्पादन से ग्रामीण आय को भी बढ़ाता है। साथ ही, इथेनॉल सम्मिश्रण जलवायु लक्ष्यों को समर्थन करते हुए स्थानीय कृषि उपजों (गन्ना, मकई) का उपयोग करता है और पर्यावरणीय लाभ प्रदान करता है।
मुख्य तथ्य
- 1ई20: 20% इथेनॉल और 80% पेट्रोल का मिश्रण।
- 2कृषि-आधारित ईंधन उत्पादन से ग्रामीण आय में वृद्धि।
- 3गन्ना और मकई जैसी स्थानीय फसलों का उपयोग।
- 4कार्बन उत्सर्जन में कमी और जलवायु लाभ।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ऊर्जा संक्रमण, कृषि संबद्ध नीति, और जलवायु लक्ष्य।
स्थायी GK: भारत इथेनॉल सम्मिश्रण के माध्यम से 2030 तक 20% कार्बन निकासी का लक्ष्य रखता है।