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18 जून 2026 · 18 June 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

IMD आंकड़ों में एल नीनो वर्षों और भारत के कमजोर मानसून के बीच संबंध

IMD Data Links El Niño Years to Below-Normal Indian Monsoons

जून 2026 में IMD के ऐतिहासिक आंकड़ों से पता चला कि पिछले लगभग दो-तिहाई एल नीनो वर्षों में भारत में मानसून वर्षा सामान्य से कम रही।

मुख्य तथ्य

  • IMD आंकड़े 1950 से अब तक के एल नीनो वर्षों को कवर करते हैं
  • लगभग 24 में से करीब 15 एल नीनो वर्षों में मानसून वर्षा सामान्य से कम रही
  • इनमें से करीब 10 वर्षों में वास्तविक वर्षा की कमी दर्ज हुई
  • एल नीनो आमतौर पर भारतीय मानसून तंत्र को कमजोर करता है
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 1950 से अब तक के आंकड़े दिखाते हैं कि एल नीनो स्थितियों वाले लगभग दो दर्जन वर्षों में से करीब पंद्रह वर्षों में मानसून वर्षा सामान्य से कम रही, जबकि लगभग दस वर्षों में वास्तविक वर्षा की कमी दर्ज हुई। यह संबंध पूर्ण नहीं है, लेकिन हर साल कृषि और राजकोषीय योजना में इसे ध्यान में रखने लायक जरूर मजबूत है। एल नीनो प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्सों के सतही जल के आवधिक गर्म होने को कहा जाता है, जो आमतौर पर भारतीय मानसून तंत्र को कमजोर करता है। भारतीय कृषि में मानसून की केंद्रीय भूमिका को देखते हुए, एल नीनो के घटनाक्रम पर नजर रखना मानसून-पूर्व पूर्वानुमान का एक अहम हिस्सा बना रहता है।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

भारतीय मानसून, जलवायु परिघटनाओं (एल नीनो-ला नीना) से जुड़ा यह विषय RAS प्रारंभिक व मुख्य परीक्षा के भूगोल खंड के लिए महत्वपूर्ण है।

📚 संबंधित स्थायी GK

एल नीनो मध्य/पूर्वी प्रशांत महासागर के सतही जल का आवधिक गर्म होना है; इसकी विपरीत स्थिति ला नीना कहलाती है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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