स्कूल प्रबंधन समितियों का सशक्तिकरण
8 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
SMC — कक्षा 12 तक अनिवार्य; 75% सदस्य अभिभावक, 50% महिलाएं।
क्या हुआ
विद्यालय प्रबंधन समितियों (School Management Committees/SMC) के सशक्तीकरण की चर्चा हुई। शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 के तहत प्रत्येक सरकारी/सहायता प्राप्त विद्यालय में एक SMC अनिवार्य है, जिसमें मुख्यतः अभिभावक (विशेषकर माताएँ), स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधि व शिक्षक शामिल होते हैं। SMC विद्यालय के कामकाज की निगरानी, विद्यालय विकास योजना तैयार करने, निधि के उपयोग व गुणवत्ता-सुधार में सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित करती है। इन्हें सशक्त बनाना विकेंद्रीकृत, जवाबदेह व समावेशी शिक्षा शासन, अभिभावक भागीदारी व विद्यालय गुणवत्ता को बढ़ावा देता है। यह NEP 2020 से भी जुड़ता है। यह शिक्षा, सुशासन व सामुदायिक भागीदारी से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1विद्यालय प्रबंधन समितियों (SMC) का सशक्तीकरण।
- 2RTE अधिनियम 2009 के तहत अनिवार्य।
- 3अभिभावक (माताएँ), स्थानीय प्रतिनिधि, शिक्षक।
- 4विद्यालय निगरानी व विकास योजना; निधि उपयोग।
- 5विकेंद्रीकृत, जवाबदेह शिक्षा शासन; NEP 2020।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
SMC, NEP 2020 व विकेंद्रीकृत स्कूल शासन शिक्षा/शासन में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: SMC — RTE अधिनियम 2009; अभिभावक/स्थानीय प्रतिनिधि/शिक्षक। विद्यालय विकास योजना; निगरानी। NEP 2020; सामुदायिक भागीदारी।