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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

FATF ने ऑफशोर VASP के विरुद्ध भारत की कार्रवाई को रेखांकित किया

30 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

oVASPs — उपयोगकर्ता के देश के बाहर से संचालित क्रिप्टो सेवा प्रदाता; FIU-IND पंजीकरण अनिवार्य।

क्या हुआ

वित्तीय कार्रवाई कार्यदल (FATF) ने अपतटीय (offshore) वर्चुअल एसेट सेवा प्रदाताओं (VASPs) के विरुद्ध भारत की कार्रवाई को रेखांकित किया। VASPs क्रिप्टोकरेंसी/वर्चुअल एसेट के आदान-प्रदान व प्रबंधन से जुड़ी संस्थाएँ हैं, जिनका उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवाद-वित्तपोषण में हो सकता है। FATF एक अंतर-सरकारी निकाय है जो मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवाद-वित्तपोषण विरोधी (AML/CFT) वैश्विक मानक तय करता है। भारत क्रिप्टो लेन-देन पर PMLA लागू करता है व VASPs को FIU-IND के साथ पंजीकरण अनिवार्य करता है। FATF की 'ग्रे/ब्लैक लिस्ट' देशों के अनुपालन को प्रभावित करती है।

मुख्य तथ्य

  1. 1FATF ने offshore VASPs पर भारत की कार्रवाई रेखांकित की।
  2. 2VASP — वर्चुअल एसेट (क्रिप्टो) सेवा प्रदाता।
  3. 3जोखिम — मनी लॉन्ड्रिंग व आतंकवाद-वित्तपोषण।
  4. 4FATF — AML/CFT वैश्विक मानक; पेरिस।
  5. 5भारत — PMLA; FIU-IND पंजीकरण।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

FATF, VDA, PMLA व FIU-IND अर्थव्यवस्था/सुरक्षा में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: FATF — 1989; मुख्यालय पेरिस; AML/CFT मानक। ग्रे/ब्लैक लिस्ट। VASP — वर्चुअल एसेट सेवा प्रदाता। PMLA 2002; FIU-IND।

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