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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

बीमा क्षेत्र में 100% एफडीआई को मंजूरी

17 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में संसद ने 'सबका बीमा सबकी रक्षा' (बीमा कानून संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर बीमा कंपनियों में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति दे दी।

क्या हुआ

यह विधेयक 17 दिसंबर 2025 को पारित हुआ और बीमा अधिनियम 1938, एलआईसी अधिनियम 1956 तथा आईआरडीएआई अधिनियम 1999 में संशोधन करता है। इसका मकसद बीमा क्षेत्र में पूंजी प्रवाह बढ़ाना, नियामकीय प्रक्रियाओं को आसान बनाना और एलआईसी को अधिक परिचालन स्वायत्तता देना है।

मुख्य तथ्य

  1. 1बीमा कंपनियों में शेयर पूंजी हस्तांतरण के लिए पूर्व नियामकीय मंजूरी की सीमा 1% से बढ़ाकर 5% की गई।
  2. 2विदेशी पुनर्बीमा शाखाओं (Foreign Reinsurance Branches) के लिए न्यूनतम निवल स्वयं निधि आवश्यकता ₹5,000 करोड़ से घटाकर ₹1,000 करोड़ की गई।
  3. 3एलआईसी को क्षेत्रीय कार्यालय खोलने और विदेशी कार्यालयों को स्थानीय कानूनों के अनुरूप ढालने की स्वायत्तता दी गई।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

GS-3 अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण — विभिन्न क्षेत्रों में एफडीआई सीमाओं की तुलना (बीमा, बीमा मध्यस्थ, बैंकिंग) पर प्रश्न बनते रहे हैं।

स्थायी GK: बीमा क्षेत्र का नियमन भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) करता है, जिसकी स्थापना 1999 के आईआरडीएआई अधिनियम के तहत हुई थी।

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