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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

उर्वरक सुधार का रोडमैप

15 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

आदर्श NPK अनुपात 4:2:1; यूरिया अभी NBS के बाहर; नैनो यूरिया/DAP को बढ़ावा।

क्या हुआ

सरकार ने उर्वरक क्षेत्र में सुधार का रोडमैप प्रस्तुत किया। भारत में उर्वरक (विशेषकर यूरिया) पर भारी सब्सिडी दी जाती है, जिससे राजकोषीय बोझ व असंतुलित उपयोग (अधिक यूरिया) होता है। सुधारों में पोषक-तत्व आधारित सब्सिडी (NBS), प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), नैनो यूरिया/नैनो DAP को बढ़ावा, तथा संतुलित उर्वरक उपयोग शामिल हैं। उद्देश्य मृदा स्वास्थ्य सुधारना, आयात निर्भरता घटाना व सब्सिडी को कुशल बनाना है।

मुख्य तथ्य

  1. 1उर्वरक सुधार रोडमैप प्रस्तुत।
  2. 2समस्या — यूरिया पर भारी सब्सिडी, असंतुलित उपयोग।
  3. 3सुधार — NBS, DBT, नैनो यूरिया/DAP।
  4. 4उद्देश्य — मृदा स्वास्थ्य, आयात-निर्भरता में कमी।
  5. 5नैनो यूरिया — IFFCO द्वारा विकसित।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

NBS, NPK अनुपात, नैनो यूरिया व हैबर-बॉश प्रक्रिया अर्थव्यवस्था/विज्ञान में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: उर्वरक सब्सिडी — यूरिया (मूल्य नियंत्रित) + NBS (P&K)। नैनो यूरिया — IFFCO द्वारा विकसित। मृदा स्वास्थ्य कार्ड; DBT। नोडल — रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय।

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