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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

वित्तीय अपराध पर FIU-IND व SEBI का MoU

18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेनदेन पर केंद्रीय एजेंसी; SEBI — प्रतिभूति बाज़ार नियामक (SEBI अधिनियम, 1992)।

क्या हुआ

वित्तीय अपराध पर FIU-IND व SEBI के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) की चर्चा हुई। वित्तीय आसूचना इकाई-भारत (FIU-IND) धन-शोधन व आतंकी-वित्तपोषण से संबंधित संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की रिपोर्ट प्राप्त, विश्लेषण व प्रसार करने वाली केंद्रीय राष्ट्रीय एजेंसी है (PMLA के तहत)। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) प्रतिभूति/शेयर बाज़ार का नियामक है। यह MoU दोनों के बीच सूचना-साझाकरण, समन्वय व क्षमता-निर्माण बढ़ाता है, ताकि बाज़ार में हेराफेरी, इनसाइडर ट्रेडिंग, मनी लॉन्ड्रिंग व वित्तीय धोखाधड़ी का बेहतर पता लगाया व रोका जा सके। यह वित्तीय अखंडता, निवेशक संरक्षण व FATF अनुपालन से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था व शासन से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1वित्तीय अपराध पर FIU-IND व SEBI के बीच MoU।
  2. 2FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेन-देन एजेंसी (PMLA)।
  3. 3SEBI — प्रतिभूति/शेयर बाज़ार नियामक।
  4. 4सूचना-साझाकरण व समन्वय; बाज़ार हेराफेरी/लॉन्ड्रिंग पता।
  5. 5वित्तीय अखंडता; निवेशक संरक्षण; FATF।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

FIU-IND, SEBI, PMLA व AML/CFT अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: FIU-IND — संदिग्ध वित्तीय लेन-देन एजेंसी (PMLA)। SEBI — प्रतिभूति बाज़ार नियामक। मनी लॉन्ड्रिंग; इनसाइडर ट्रेडिंग। FATF।

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