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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

APEDA की मदद से त्रिपुरा का 18 टन NPOP-प्रमाणित चावल ऑस्ट्रिया व नीदरलैंड रवाना

5 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

APEDA के सहयोग से त्रिपुरा ने 18 टन NPOP-प्रमाणित पारंपरिक चावल (काला चावल माइमी हांगा सहित) ऑस्ट्रिया व नीदरलैंड भेजा।

क्या हुआ

यह खेप 2 सितंबर 2026 को त्रिपुरा के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने APEDA अध्यक्ष अभिषेक देव के साथ रवाना की। इसमें सुगंधित काली खासा, सुगंधित हरिनारायण, बिरोन (सफ़ेद चिपचिपा चावल) और माइमी हांगा (काला चावल) शामिल हैं। चावल त्रिपुरा राज्य जैविक खेती विकास एजेंसी (TSOFDA) से जुड़ी किसान उत्पादक कंपनियों से एकत्र किया गया और सोनीपत की प्रतिथि ऑर्गेनिक फूड्स इसका निर्यात कर रही है। यह सौदा अगस्त 2026 में APEDA द्वारा त्रिपुरा में आयोजित रिवर्स बायर-सेलर मीट से निकला।

मुख्य तथ्य

  1. 118 मीट्रिक टन खेप 2 सितंबर 2026 को ऑस्ट्रिया व नीदरलैंड हेतु रवाना
  2. 2किस्में: काली खासा, हरिनारायण, बिरोन (चिपचिपा), माइमी हांगा (काला)
  3. 3TSOFDA समर्थित किसान उत्पादक कंपनियों से एकत्रित
  4. 4अगस्त 2026 में APEDA की रिवर्स बायर-सेलर मीट का परिणाम

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

प्रश्न गंतव्य देशों (ऑस्ट्रिया, नीदरलैंड), निर्यात संस्था (APEDA) या त्रिपुरा की काले चावल की किस्म (माइमी हांगा) पर आ सकता है।

स्थायी GK: APEDA का पूरा नाम कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority) है। NPOP (राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम) भारत का जैविक प्रमाणन मानक है, जिसके तहत यह चावल प्रमाणित था।

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