NIPL–HUMO समझौता: उज़्बेकिस्तान में भारतीयों के लिए UPI भुगतान का रास्ता खुला
4 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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30 अगस्त 2026: NIPL–NIPC (HUMO) समझौता; भारतीय UPI उपयोगकर्ता UZQR स्कैन कर उज़्बेक दुकानों पर भुगतान करेंगे।
क्या हुआ
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की अंतरराष्ट्रीय शाखा NPCI International Payments Ltd (NIPL) ने 30 अगस्त 2026 को उज़्बेकिस्तान के National Interbank Processing Centre (NIPC) के साथ व्यावसायिक समझौता किया, जो वहाँ की राष्ट्रीय भुगतान प्रणाली HUMO चलाता है। इसके तहत भारतीय पर्यटक, व्यावसायिक यात्री और छात्र अपने UPI ऐप से उज़्बेकिस्तान का राष्ट्रीय QR कोड UZQR स्कैन कर सीधे भारतीय बैंक खाते से दुकानदारों को भुगतान कर सकेंगे। यह समझौता भारतीय रिज़र्व बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ उज़्बेकिस्तान की मंज़ूरी के बाद हुआ, जिसने HUMO को सीमा-पार व्यापारी भुगतान के लिए NIPL का अधिकृत साझेदार बनाया। सेवा शुरू होने की तारीख घोषित नहीं हुई थी।
मुख्य तथ्य
- 130 अगस्त 2026: NIPL (भारत) और HUMO चलाने वाली NIPC (उज़्बेकिस्तान) में समझौता
- 2तरीका: UZQR कोड स्कैन कर व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) भुगतान
- 3मंज़ूरी: RBI और सेंट्रल बैंक ऑफ उज़्बेकिस्तान
- 4UPI पहले से 10 देशों में स्वीकार्य, जैसे सिंगापुर, UAE, फ्रांस, नेपाल, भूटान
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रश्न में UPI के विदेशी साझेदार नेटवर्क का देश से मिलान (HUMO–उज़्बेकिस्तान) या NIPL की भूमिका पूछी जा सकती है।
स्थायी GK: NPCI द्वारा संचालित UPI 2016 में शुरू हुआ और 2026 में इसके 10 वर्ष पूरे हुए; सरकार इसे विश्व का सबसे बड़ा रियल-टाइम भुगतान प्लेटफ़ॉर्म बताती है।