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राष्ट्रीय

FSSAI ने केवल दूध-आधारित उत्पादों को 'पनीर' नाम देने हेतु मसौदा संशोधन प्रस्तावित किया

25 सितंबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

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FSSAI ने 2026 में खाद्य सुरक्षा विनियम, 2011 में संशोधन प्रस्तावित कर गैर-दूध उत्पादों पर 'पनीर' शब्द के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा।

क्या हुआ

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय पर प्रतिबंध और निषेध) संशोधन विनियम, 2026 का मसौदा प्रस्तुत किया है। यह संशोधन विनियम 2.1.1 के अंतर्गत नया खंड जोड़ता है जो दूध से न बने पनीर को कवर करता है। प्रस्तावित संशोधन के तहत 'एनालॉग इन डेयरी कॉन्टेक्स्ट' श्रेणी में पंजीकृत उत्पादों को अपने नामकरण, लेबलिंग या विपणन में 'पनीर' शब्द का उपयोग बंद करना होगा। यह संशोधन खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार की पूर्व स्वीकृति से जारी किया गया है। FSSAI ने हितधारकों और जनता से 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं। मूल विनियम 2011 में अधिसूचित किए गए थे।

मुख्य तथ्य

  1. 1FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (विक्रय पर प्रतिबंध और निषेध) विनियम, 2011 में संशोधन प्रस्तावित किया
  2. 2संशोधन विनियम 2.1.1 के अंतर्गत दूध से न बने पनीर को कवर करने हेतु नया खंड जोड़ा जाएगा
  3. 3'एनालॉग इन डेयरी कॉन्टेक्स्ट' श्रेणी के उत्पादों को 'पनीर' शब्द का उपयोग बंद करना होगा
  4. 4हितधारकों और जनता से 60 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं
  5. 5संशोधन खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत केंद्र सरकार की स्वीकृति से जारी किया गया
स्थायी GK: खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की स्थापना खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत की गई थी।

स्रोत: PIB (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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