12 अगस्त 2026 · 12 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण
परिसीमन में जेरीमैंडरिंग और चुनावी निष्पक्षता का खतरा
Gerrymandering Risks in Delimitation and Electoral Integrity
परिसीमन में असावधानी से जेरीमैंडरिंग चुनावी निष्पक्षता को नष्ट कर सकती है।
मुख्य तथ्य
- •'क्रैकिंग' से विरोधी समर्थकों को कई क्षेत्रों में बिखेर दिया जाता है
- •'पैकिंग' से उन्हें कुछ क्षेत्रों में केंद्रित किया जाता है ताकि वोट बर्बाद हों
- •किशोरचंद रथोड़ मामले (2024) में सर्वोच्च न्यायालय ने सीमित न्यायिक समीक्षा की अनुमति दी
- •अनुच्छेद 329(ए) परिसीमन कानूनों को न्यायिक जाँच से सुरक्षित रखता है
परिसीमन केवल राज्यों के बीच सीटों का आवंटन नहीं है, बल्कि राज्यों के भीतर चुनाव क्षेत्र की सीमाएं खींचना भी शामिल है। इस प्रक्रिया में जेरीमैंडरिंग का खतरा है—चुनावी सीमाओं में हेराफेरी करके किसी विशेष राजनीतिक पक्ष को लाभ देना। 'क्रैकिंग' में विरोधी पक्ष के समर्थकों को कई क्षेत्रों में बिखेर दिया जाता है ताकि वे हर क्षेत्र में अल्पसंख्यक रहें। 'पैकिंग' में उन्हें कुछ क्षेत्रों में केंद्रित किया जाता है ताकि उनके वोट बर्बाद हो जाएं। ऐसी प्रक्रिया क्षेत्रीय असंतोष, उप-राष्ट्रवाद और सामाजिक विभाजन को बढ़ा सकती है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता, जेरीमैंडरिंग तकनीकें, और लोकतांत्रिक मान्यता।
📚 संबंधित स्थायी GK
न्यायिक समीक्षा सर्वोच्च न्यायालय की शक्ति है लेकिन परिसीमन से संबंधित कानून को विशेष सुरक्षा दी गई है।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert