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6 सितंबर 2026 · 6 September 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

गोल्लाला गुडी को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया

Gollala Gudi Declared Monument of National Importance

गोल्लाला गुडी मंदिर को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का दर्जा दिया गया, जो काकतीय वास्तुकला का उदाहरण है।

मुख्य तथ्य

  • मंदिर को 31 अगस्त 2026 को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया
  • यह तेलंगाना के मुलुगु जिले के पलमपेट में स्थित है
  • यह त्रिकुटालय शैली में निर्मित है जिसमें एक मंडप और तीन गर्भगृह हैं
  • मंदिर में हंस, जाली कार्य और देवी-देवताओं की मूर्तियां हैं
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने 31 अगस्त 2026 को गोल्लाला गुडी मंदिर को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया है। यह मंदिर तेलंगाना के मुलुगु जिले के पलमपेट गांव में स्थित है और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर के पास है। मंदिर त्रिकुटालय शैली में निर्मित है, जिसमें एक पूर्व-मुखी मंडप और तीन गर्भगृह हैं। इसमें हंस, जाली कार्य, और विष्णु, लक्ष्मी, गणेश तथा महिषासुरमर्दिनी की मूर्तियां हैं। राष्ट्रीय महत्व की घोषणा से यह स्मारक एएसआई की संरक्षण ढांचे के अंतर्गत आएगा।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

प्राचीन भारतीय वास्तुकला, काकतीय राजवंश, और स्मारकों के संरक्षण की कानूनी प्रक्रिया भारतीय इतिहास और संस्कृति से संबंधित है।

📚 संबंधित स्थायी GK

काकतीय राजवंश (12वीं-14वीं सदी) तेलंगाना का एक प्रमुख साम्राज्य था। रामप्पा मंदिर (काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर) 1213 में बनवाया गया था और यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल है।

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