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7 सितंबर 2026 · 7 September 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

गोल्लाल गुडी को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया

Gollala Gudi Declared Monument of National Importance

गोल्लाल गुडी मंदिर को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया गया।

मुख्य तथ्य

  • स्थान: पलामपेट, मुलुगु जिला, तेलंगाना
  • वास्तुकला शैली: त्रिकुतालय (तीन गर्भगृह वाली)
  • काल: काकतीय युग
  • घोषणा तिथि: 31 अगस्त 2026, अनुभाग 4(3) के तहत
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने तेलंगाना के मुलुगु जिले के पलामपेट में स्थित ऐतिहासिक गोल्लाल गुडी मंदिर को राष्ट्रीय महत्व का स्मारक घोषित किया है। यह मंदिर यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल काकतीय रुद्रेश्वर (रामप्पा) मंदिर के पास स्थित है। काकतीय काल के दौरान निर्मित यह मंदिर अपनी जटिल वास्तुकला और मूर्तिकला सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। इसमें तीन गर्भगृहों से घिरा एक पूर्वमुखी मंडप है। मंदिर की परकार में मूर्तियां हैं, जबकि दरवाजों में खोदी गई हंसों (हंसों) और जाली कार्य की पंक्तियां हैं। इसमें विष्णु, लक्ष्मी, गणेश और महिषासुरमर्दिनी की मूर्तियां हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

भारतीय पुरातात्विक स्थलों और संरक्षण कानूनों की समझ।

📚 संबंधित स्थायी GK

काकतीय राजवंश 12वीं से 14वीं शताब्दी तक तेलंगाना क्षेत्र में शासन करता था और इसकी वास्तुकला और कला के लिए प्रसिद्ध है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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